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Gorakhpur Loot Case: लूट के बाद फरार पुलिसकर्मियों के घर भेजा गया नोटिस, 22 दिनों बाद भी नहीं सुलझी गुत्थी_我的网站

A | 视频加载中...据黑龙江电视台《新闻夜航》报道,近日,广东普宁里湖镇一名三年级女生在课堂上因病呕吐,老师拨通家长电话,让家长赶来清理课桌。普宁市教育局工作人员回应,其实是一件很小的事情,没必要叫家长,学校正在核查这件事情。

B | 那从法律上该如何看待此事呢?头条号作者“安律说法”@安律说法对此进行了分析。 जागरण संवाददाता, गोरखपुर। राजघाट पुल पर पांच अगस्त को बेलीपार के पिछौरा निवासी रविशंकर से तमंचे के बल पर 90 हजार रुपये लूट की गुत्थी अब तक पुलिस नहीं सुलझा पाई है। घटना के बाद संदेह के घेरे में आए चौकी इंचार्ज शुभम श्रीवास्तव समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित तो कर दिया गया, लेकिन उनकी भूमिका को लेकर रहस्य गहराता जा रहा है।,अब विभागीय जांच शुरू हो चुकी है।निलंबन के 20 दिन बाद भी पुलिस लाइन में आमद न कराने पर सभी पुलिसकर्मियों के घर नोटिस भेजा गया है। दरअसल, लूट की घटना के अगले ही दिन बदमाशों ने पीड़ित से तीन लाख रुपये और वसूलने की कोशिश की थी। पीड़ित ने इसकी शिकायत सीधे एसपी सिटी अभिनव त्यागी से की। जब केस दर्ज हुआ तो चौंकाने वाला खुलासा सामने आया- खुद को क्राइम ब्रांच का बताकर लूट करने वालों के पीछे पुलिसकर्मियों की मिलीभगत की आशंका सामने आयी, यही वजह रही कि नौसढ़ चौकी प्रभारी रहे शुभम श्रीवास्तव, महिला दारोगा समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।,पूछताछ व जांच होने पर तीन पुलिसकर्मी बिना अनुमति के जीडी में किशोरी को बरामद करने का तथ्य दर्ज कर मुंबई चले गए थे। निलंबन के बाद उन्होंने 12 से 22 अगस्त तक के लिए मेडिकल भेजा, लेकिन मेडिकल की मियाद खत्म होने के बावजूद अब तक पुलिस लाइन में आमद नहीं कराई।,सूत्रों के मुताबिक, विभाग ने अब उनके मूल पते पर नोटिस भेजा है और गैरहाजिर रहने की वजह पूछी है।इसके अलावा इंदौर के जिस डाक्टर से निलंबित पुलिसकर्मियों ने मेडिकल बनवाकर भेजा था, उसका भी सत्यापन कराया जाएगा। विभाग यह जानना चाहता है कि मेडिकल सही है या सिर्फ जांच से बचने का बहाना।एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने कहा कि निलंबित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। लूटकांड की विवेचना भी तेजी से की जा रही है। उन्होंने बताया बहुत जल्द मामले की गुत्थी सुलझा ली जाएगी और सच्चाई सामने आ जाएगी।,यह भी पढ़ें- सिस्टम पर सवाल: आरोपी कर्मचारी को पहले किया बर्खास्त, फिर कर दिया बहाल घटनाक्रम की टाइमलाइन
- 05 अगस्त: बेलीपार के रविशंकर से राजघाट पुल पर कार सवारों ने 90 हजार रुपये लूटे।
- 06 अगस्त: बदमाशों ने पीड़ित से तीन लाख रुपये और वसूलने की कोशिश की।
- 06 अगस्त: पीड़ित ने एसपी सिटी से शिकायत की, राजघाट थाने में केस दर्ज।
- 07 अगस्त: लूटकांड में पुलिस की भूमिका संदिग्ध दिखने पर पांच पुलिसकर्मी निलंबित हुए।
- 12 अगस्त: निलंबित दरोगा व तीन सिपाहियों ने 10 दिन का मेडिकल भेजा, आमद नहीं कराई।
- 22 अगस्त: मेडिकल की मियाद खत्म हो गई, लेकिन पुलिस लाइन में हाजिरी नहीं दी।
- 24 अगस्त: विभाग ने मूल पते पर नोटिस भेजा, मेडिकल सत्यापन के आदेश दिए।

C | 第37条第2款规定,未成年人在校内、园内或者本校、本园组织的校外、园外活动中发生人身伤害事故的,学校、幼儿园应当立即救护,妥善处理,及时通知未成年人的父母或者其他监护人,并向有关部门报告。具体到本案,学生呕吐,老师通知家长是对的,但是仅仅只是让家长来清理书桌,而不关心学生的身体健康,一旦学生出现意外,老师、学校都难辞其咎!需要担责!#小学女生在教室呕吐 老师叫家长清理#(零度时评综合新闻夜航、头条号作者@安律说法)仅代表律师观点,不代表零度时评立场。
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Published on:07:33:57











