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Traffic Challan: हो जाएं अलर्ट! गाड़ी चलाते समय मोबाइल पर बात और स्मोकिंग की तो कटेगा चालान_我的网站

一 | जागरण संवाददाता, भागलपुर। अगर आप शहरी क्षेत्र में बिना सीट बेल्ट के गाड़ी चलाते हैं और गाड़ी चलाते समय मोबाइल से बात या स्मोकिंग करते हैं तो सतर्क हो जाएं, क्योंकि 15 सितंबर के बाद कैमरे के माध्यम से चालान काटने की व्यवस्था शुरू हो जाएगी। अब इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर को पूरी तरह से एक्टिव किया जाएगा। इसको लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है।,नगर आयुक्त ने सभी तरह के चालान को एक्टिव करने के लिए यातायात पुलिस को पत्र भेजा गया है। इसके बाद यातायात पुलिस ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर के द्वारा लगाए गए कैमरे और ट्रैफिक लाइट को पूरी तरह से एक्टिव करने का निर्देश दिया है।,इसमें अब सिग्नल जंप करने, सीट बेल्ट नहीं लगाने, ज़ेबरा क्रासिंग पर गाड़ी लगाने, ओवर स्पीड गाड़ी चलाने, गाड़ी चलाते समय धूम्रपान या मोबाइल से बात करने सहित अन्य चीजों को शामिल किया गया है। यातायात डीएसपी आशीष कुमार सिंह ने बताया कि शहर के चौक-चौराहों पर अच्छी तरीके से स्टाप लाइन, जैबरा क्रॉसिंग आदि को उभारने के लिए संबंधित विभाग को पत्र भेजा जा रहा है। इसके अलावा जल्द ही इसको लेकर पब्लिक एड्रेस सिस्टम से लोगों को जागरूक करने का भी काम किया जाएगा।,उन्होंने बताया कि सड़क पर लोगों को या वाहनों को चलने में कोई दिक्कत ना हो इसके लिए भी रणनीति तैयार की जा रही है, ताकि सड़क किनारे लगने वाले अतिक्रमण को हटाया जा सके। उन्होंने बताया कि सारी व्यवस्था पूर्ण होने के बाद सितंबर के अंत तक शुरू करने का प्लान है।,यातायात डीएसपी आशीष कुमार सिंह ने बताया कि सभी तरह के चलान सिस्टम शुरू करने के साथ लहरिया कट और ओवर स्पीड चलाने वाले पर सख्ती से नजर रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी के माध्यम से स्पीड डेडीकेटर्स लगाए गए हैं। उसे भी एक्टिव करने का निर्देश दिया गया है। रोड की गति सीमा को संबंधित विभाग से उस सड़क पर स्पीड लिमिट के साइन बोर्ड लगावाए जाएंगे।,जल्द ही ई-रिक्शा को नियंत्रित करने के लिए लोहिया पुल के नीचे स्थित जमीन का भी उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए पूर्व में ही यातायात विभाग और रेलवे के सीनियर डीईएन के द्वारा उसके आसपास की जमीनों का निरीक्षण किया जा चुका है।,अब इसके लिए सदर एसडीएम को यातायात विभाग द्वारा पत्र भेजे जाने की तैयारी है। लोहिया पुल के नीचे ई-रिक्शा की पार्किंग के साथ-साथ इसी रास्ते होकर स्टेशन एंट्री पाइंट की भी तैयारी की जा रही है। ताकि कोयला डिपो पुल के नीचे जाम से निजात मिल सके।,
- तिलकामांझी जीरो माइल रोड सेंट्रल जेल के पास
- हबीबपुर चौराहा
- दुर्गा चरण स्कूल के पास नगर निगम सराय रोड में
- तिलकामांझी बरारी रोड में पीएनबी बैंक के समीप
- तिलका मांझी नगर निगम रोड में कटहलबाड़ी के समीप
- अलीगंज बाईपास के पास
- बौंसी पुल इंद्रप्रस्थ कालोनी के समीप
- नाथनगर होंडा शोरूम के समीप
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- स्मार्ट रोड: 220 करोड़
- सरफेस पार्किंग: 46 लाख
- मल्टीलेवल पार्किंग: 7 करोड़
- ट्रिपल सी साफ्टवेयर: 197 करोड़
- ट्रिपल सी बिल्डिंग: 27 करोड़
- लगाए गए कैमरे: 1874
- ट्रैफिक सिग्नल: 16
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ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। दुनिया भर की तकरीबन सभी पुलिस एजेंसियां वाहनों की चोरी की समस्या का सामना कर रही है। वहीं, उन चोरी हुई गाड़ियों का पता लगाने के लिए तरह-तरह के तरीके भी अपनाती है। हाल ही में एक व्यक्ति ने अपनी खोई हुई Lamborghini Huracan EVO को ढूढ़ने के लिए ऐसा तरीका अपनाया कि उसे सुनकर आप भी हैरान हो जाएंगे। उसने अपनी कार का पता लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया। शख्स की यह कार कथित तौर पर दो साल पहले चोरी हो गई थी। आइए जानते हैं कि शख्स ने अपनी खोई हुई कार का पता किस तरीके से लगाया?,
ChatGPT से खोज निकाली Lamborghini
- ऑरेंज काउंटी के एंड्रयू गार्सिया ने दो साल पहले सोचा था कि उनकी Lamborghini हमेशा के लिए चली गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, चोरों ने कई अन्य सुपरकारों के साथ मिलकर एक बहु-मिलियन-डॉलर की लग्जरी कार चोरी रैकेट चलाया था। इस योजना में किरायेदार शामिल थे, जिन्होंने लगभग दो दर्जन महंगी कारें कभी वापस नहीं कीं, बल्कि कागजात में हेराफेरी करके मालिकों के टाइटल छीन लिए और फिर उन्हें बेच दिया।
- गार्सिया के लिए, जिस दिन उनकी कार गायब हुई, वह बहुत दुखद था। उन्होंने बताया कि मैं रोया था। जब उनकी Lamborghini गायब थी, तब रैकेट के अन्य पीड़ितों को उनकी कारें वापस मिल गईं। हालांकि, गार्सिया की Lamborghini तब तक लापता रही, जब तक उन्हें इंस्टाग्राम पर एक अजीब सा मैसेज नहीं मिला। मैसेज में लिखा था कि क्या आपने यह कार बेची थी? जिसके साथ कार की नई तस्वीरें भी थीं। जाहिर है, जिस व्यक्ति ने गार्सिया से संपर्क किया, उसे कार में उनका बिजनेस कार्ड मिला था।
ऐसे खोजी Lamborghini
गार्सिया ने रहस्य को तुरंत सुलझाने के बजाय, गार्सिया ने खुद जांच करने का फैसला किया। उन्होंने उन तस्वीरों को ChatGPT में डाला, गूगल के लोकेशन टूल्स के साथ उसे जोड़ा और कार के स्थान का पता लगाने के लिए पर्याप्त डेटा निकालने में कामयाब रहे। यह रास्ता उन्हें डेनवर, कोलोराडो तक ले गया, जहां उन्होंने पुलिस को सूचित किया। वहां के अधिकारियों ने कार को ढूंढ़ निकाला और पुष्टि की कि वह वास्तव में गार्सिया की खोई हुई Lamborghini Huracan EVO थी।,कोलोराडो ऑटो थेफ्ट प्रिवेंशन अथॉरिटी के प्रवक्ता, केल गोल्ड ने इस अपरंपरागत जासूसी की सराहना की, और कहा है कि यह सक्रिय खुफिया जानकारी इकट्ठा करना चोरी हुए वाहनों को खोजने में बहुत फायदेमंद है। दिलचस्प बात यह है कि कोलोराडो में कार किसके पास थी, इसकी जांच अभी भी चल रही है। इस बीच, कैलिफोर्निया में चोरी रैकेट में शामिल व्यक्तियों को इसके नतीजे भुगतने पड़ रहे हैं। एक व्यक्ति को पहले ही चोरी और गबन के आरोपों में दोषी ठहराया जा चुका है और वह सज़ा का इंतज़ार कर रहा है, जबकि दूसरे की सुनवाई अक्टूबर में होनी है।。
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Published on:14:04:18