康熙王朝
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一 | संवाद सूत्र, गलगलिया (किशनगंज)। Bihar News बिहार के किशनगंज में एक दिन पहले भारत-नेपाल सीमा के समीप गिरफ्तार बंगलादेशी घुसपैठिया की गिरफ्तारी के बाद कई चौंकाने वाली जानकारी सामने आ रही है। तीन साल से बिहार-बंगाल में रहकर बैंक खाता खुलवाने के साथ घुसपैठिया ने जमीन तक खरीद ली। अब पुलिस पूरे मामले की तहकीकात में जुटी है। ,जानकारी के अनुसार 26 अगस्त को बांग्लादेशी अरुण कांत राय को सीमा पर एसएसबी के जवानों द्वारा पकड़ा गया। उसके पास से आधार कार्ड, भारतीय पैन कार्ड के अलावा बंधन बैंक का पासबुक भी बरामद हुआ था। वह पिछले तीन वर्षों से पानीटंकी इलाके के गोरसिंग गांव के ही भावेश बर्मन के घर में रह रहा था।,सूत्रों का कहना है कि गिरफ्तार बंगलादेशी नागरिक ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह तीन वर्षों से यहां रह रहा था। एजेंट के माध्यम से आधार कार्ड बंगाल में बनवाए थे। यह भी बताया कि उसने जमीन भी खरीद की है। खोरीबारी पुलिस जिस भावेश बर्मन के यहां बंगलादेशी नागरिक रह रहा था उसके संबंध में भी जानकारी ले रही है। आधार, पैन, पासबुक व तीन सालों के भीतर उसने जमीन कैसे खरीदी इसका पता लगाने का प्रयास कर रही है।,सीमावर्ती इलाके में फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह के होने की बात सामने आ रही है। बीते दिन पकड़े गये बंगलादेशी ने बताया कि वह तीन साल से बंगाल में ही रह रहा है। उल्लेखनीय है कि नेपाल से सटे प्रखंड के जियापोखर थाना क्षेत्र के गिल्हाबाड़ी में दो माह पूर्व एक फर्जी आधार कार्ड बनाने के रैकेट का पुलिस ने खुलासा किया था। जिसमें एक स्थानीय युवक असराफुल को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जबकि दो आरोपित पंकज और साधन नेपाल भाग गए। दोनों यहां आकर फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनवाने का कार्य कर रहे थे।,
एसएसबी का काम सीमा पर अवैध गतिविधियों को रोकना है। एसएसबी उसी में जुटी हुई है पूरी तहकीकात व रैकेट का खुलासा पुलिस को करना है। केसी सिंह, डीआईजी, एसएसबी रानीडांगा हेडक्वार्टर बंगलादेशी नागरिक से पूछताछ में कई चौंकाने वाले मामले सामने आए है। इसकी पड़ताल वे स्वयं कर रहे है। किस तरह आधार, पैन, बैंक खाता व जमीन की खरीदगी की गई। तह तक पुलिस पहुंचने की कोशिश कर रही है। अभिजीत विश्वास, एसएचओ, खोरीबारीयह भी पढ़ें : Bihar News: किशनगंज में 14 संदिग्ध दस्तावेजों के साथ बांग्लादेशी घुसपैठिया गिरफ्तार... तीन वर्ष से भारत में रहकर फर्जी तरीके से बनाया आधार, पैन व मतदाता पहचान पत्र。 राज्य ब्यूरो, रांची। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ में खून चढ़ाने के बाद एक बच्चे के एचआइवी संक्रमित होने के मामले में सुनवाई हुई। गुरुवार को सुनवाई के बाद अदालत ने मामले में राज्य सरकार से जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।,अदालत ने सरकार से पूछा कि कोई पेशेवर रक्तदाता एचआइवी पाजिटिव है या नहीं, इसकी जांच कैसे की जाती है और जांच में एचआइवी पाजिटिव पाए जाने पर वह रक्तदान नहीं करे, इसके लिए क्या प्रविधान किया जाता है? ऐसे मामलों को रोकने के लिए सरकार की ओर से क्या कदम उठाए गए हैं और भविष्य में क्या किया जाएगा, इसकी पूरी जानकारी शपथपत्र के माध्यम से कोर्ट में प्रस्तुत करने को कहा गया है। सुनवाई के दौरान रांची के सिविल सर्जन प्रभात कुमार उपस्थित थे। सिविल सर्जन ने कहा कि जांच की जाती है। बिना जांच के खून नहीं चढ़ाया जाता। इसपर कोर्ट ने पूछा कि तब खून चढ़ाने के बाद बच्चा एचआइवी पीड़ित क्यों हो गया तो सिविल सर्जन ने कोई जवाब नहीं दिया और कहा कि चूक हुई है। कोर्ट ने पूछा कि यदि कोई पेशेवर रक्तदाता है और वह एचआइवी पीड़ित हो जाए, तो इसकी रोकथाम के लिए क्या कदम उठाते हैं। सिविल सर्जन ने बताया कि ऐसे मामलों में अभिभावकों को इसकी जानकारी दी जाती है। कोर्ट के कुछ अन्य सवालों का सिविल सर्जन ने तत्काल जवाब देने में असमर्थता जताई। इसके बाद अदालत ने सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।。

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Published on:07:48:45