> 新闻 > 国内新闻 > 正文

初恋日记

南海新礁完工,外媒急炒最大军事基地,这个新岛能帮中国堵住什么漏洞?,如果研究所,原创 南海新礁完工,外媒急炒最大军事基地,这个新岛能帮中国堵住什么漏洞?_我的网站

十万个冷笑话2

一 |     नई दिल्ली | सड़क पर छोटा-मोटा कारोबार करने वाले लाखों रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना (PM SVANidhi Scheme Extended) को 31 मार्च 2030 तक बढ़ाने का फैसला लिया गया है। इस योजना पर सरकार 7,332 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इससे करीब 1.15 करोड़ लोगों को फायदा मिलेगा, जिनमें 50 लाख नए लाभार्थी भी शामिल हैं।,योजना में कई अहम बदलाव किए गए हैं। सबसे बड़ी राहत कर्ज बढ़ाने (loan extension) के रूप में दी गई है:

  • पहली किश्त का लोन अब 10,000 से बढ़ाकर 15,000 रुपए कर दिया गया है।
  • दूसरी किश्त का लोन 20,000 से बढ़ाकर 25,000 रुपए किया गया है।
  • तीसरी किश्त 50,000 रुपए पर ही बनी रहेगी।
जो लोग समय पर दूसरी किश्त चुकाएंगे, उन्हें अब यूपीआई-लिंक्ड रूपे क्रेडिट कार्ड (RuPay credit card, दिया जाएगा। इससे उन्हें तुरंत पैसा मिलेगा, चाहे बिज़नेस बढ़ाना हो या निजी जरूरत पूरी करनी हो। सरकार ने डिजिटल लेन-देन को भी बढ़ावा देने का फैसला लिया है। विक्रेताओं को अब थोक और खुदरा लेन-देन पर 1,600 रुपए तक का कैशबैक (digital cashback) मिलेगा।,यह भी पढ़ें- UPS vs NPS: सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! यूपीएस से एनपीएस में स्विच करने का बड़ा मौका, लेकिन कब तक? जानें योजना सिर्फ कर्ज तक सीमित नहीं होगी। सड़क पर खाने-पीने का सामान बेचने वाले विक्रेताओं को अब एफएसएसएआई (FSSAI) की मदद से स्वच्छता और फूड सेफ्टी की ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही सरकार विक्रेताओं को उद्यमिता, डिजिटल स्किल और मार्केटिंग की ट्रेनिंग भी देगी ताकि वे अपना कारोबार और आगे बढ़ा सकें।,योजना का एक अहम हिस्सा 'स्वनिधि से समृद्धि' पहल है। इसके तहत हर महीने लोक कल्याण मेले लगाए जाएंगे ताकि अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी विक्रेताओं और उनके परिवारों तक पहुंच सके। ,यह भी पढ़ें- PM Kisan 21st Installment: अब समय पर आएगी किस्त, बैंक नहीं रोक पाएंगे पैसा; जानें सरकार ने दिए क्या निर्देश? गौरतलब है कि पीएम स्वनिधि योजना जून 2020 में शुरू हुई थी। कोविड-19 महामारी के समय लाखों छोटे विक्रेताओं को इसने सहारा दिया। अब तक 96 लाख से ज्यादा लोन स्वीकृत हो चुके हैं और लगभग 47 लाख लोग डिजिटल लेन-देन से जुड़े हैं।,
  • जून 2020 से अब तक 96 लाख से ज्यादा लोन दिए जा चुके।
  • लगभग 68 लाख स्ट्रीट वेंडर्स को फायदा हुआ।
  • करीब 47 लाख लोग डिजिटल लेन-देन से जुड़े। 
  • अब तक 557 करोड़ डिजिटल ट्रांजैक्शन किए जा चुके, जिनकी कुल कीमत 6.09 लाख करोड़ रुपए है।
  • विक्रेताओं को 241 करोड़ रुपए कैशबैक भी मिला।
सरकार का मानना है कि इस विस्तार से रेहड़ी-पटरी वालों का कारोबार बढ़ेगा और उनके परिवारों का सामाजिक-आर्थिक विकास भी होगा।。

二 |     最近中国在西沙群岛羚羊礁的一期填海造陆工程已基本完工,这座原始礁盘面积约15平方公里的岛礁立刻被西方媒体炒作成所谓的“南海最大军事基地”。外媒不仅估测这里具备建设大型跑道的潜力,还凭空想象出部署核潜艇与轰炸机的画面。面对这种喧嚣,这个新岛究竟能帮中国堵住什么漏洞?        西方媒体急于给羚羊礁贴上“进攻性武器大本营”的标签,背后的算盘其实打得很响。他们试图通过炒作中国威胁论来挑拨中国与东盟国家之间的互信,并为自身在亚太地区的军事扩张找借口。这种操作的直接目的,就是试图阻挠南海行为准则的顺利落地。    剥开西方炒作的迷雾,羚羊礁建设的真实逻辑首先在于补齐民生短板。

三 | 长期在远离大陆的海岛驻守,生活物资补给和居住环境是巨大的考验。改善驻岛军民的生活条件,是维持岛礁长期存在和运转的最基础保障。    在稳固民生的基础上,羚羊礁的地理位置决定了它在防御体系中的关键作用。它位于西沙群岛永乐环礁西部,能够与核心的永兴岛形成犄角之势。这种布局直接完善了西沙群岛的防御纵深,填补了以往单一节点防御可能存在的盲区。    如果未来这里建成综合后勤基地,整个西沙的支援能力可能会得到实质性提升。但西方媒体刻意忽略合法的民生与防御需求,硬要把正常建设描绘成军事扩张。外媒关于核潜艇和轰炸机的猜测,仅仅是没有任何官方确切数据支撑的单方面臆想。    面对舆论围堵,中国更可能的选择是继续按既定节奏推进岛礁建设,兼顾民生与防御。只要羚羊礁的设施不断完善,西方介入南海的借口就会随之减少。那些试图用谎言掩盖自身扩张的炒作,最终只会让其真实意图彻底暴露。返回,查看更多

Current article:http://www.kelozhaichongbaoshuo.pics/dgx/eqm.ppt

Published on:00:59:29